Friday, 8 December 2017

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

"How to save your car from winter season"


ठंड के मौसम में गाड़ियों में तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती हैं जो कि उसके परफार्मेंस पर असर डालती हैं। इन दिक्कतों में गाड़ियों का मुश्किल से स्टार्ट होना, स्टार्ट होने के बाद पिकअप में समय लेना, हॉर्न का न बजना और लाइट्स डिम हो जाना प्रमुख होता है। हालांकि आप कुछ सावधानियां और टिप्स को फॉलो कर इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।



ऑटो एक्सपर्ट मानते हैं कि सर्दियों में कार की फुल सर्विस, बैटरी, लाइटिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, कूलेंट और टायर्स का विशेष ख्याल रखना चाहिए।ऑटो एक्सपर्ट ने कुछ टिप्स सुझाए हैं जिनकी मदद से आप भी सर्दियों में अपनी कार को बिलकुल फिट रख सकते हैं। हम इन्हीं टिप्स को आपको बताने जा रहे हैं। 


1. बैटरी का रखें विशेष ख्याल:-
बैटरी को कार का अहम हिस्सा माना जाता है क्योंकि कार की बैटरी ही गाड़ी को स्टार्ट करती है, अगर बैटरी 3 साल से ज्यादा पुरानी हो गई हो, तो उसे बदल लें या फिर मैकेनिक से चेक करवा लें। इसके अलावा अगर कार की लाइट्स डिम हो गईं हो या फिर हॉर्न बजाते समय आवाज ठीक तरह से नहीं आ रही है तो इसका मतलब है कि बैटरी खराब होना शुरू हो गई है। ऐसे में आप खुद भी बैटरी चेक कर सकते हैं और अगर बैटरी के टर्मिनल पर सफेद-पीला पाउडर जमा हो रहा है तो उसे गर्म पानी के साथ हार्ड ब्रश से साफ कर लें।



2. कार की सर्विस कराना है सबसे जरूरी:- सर्दियों में लोग सुबह-सुबह गाड़ी स्टार्ट न होने की वजह से परेशान हो जाते हैं। इस मौसम में सबसे ज्यादा उन गाड़ियों को दिक्कतें आती हैं जिनकी सर्विस ठीक से या फिर समय पर नहीं करवाई जाती है। इसलिए अगर सर्दियों में कहीं लंबी दूरी की यात्रा करने जा रहे हैं तो कार की सर्विस जरूर करवाएं। कार की सर्विस इसलिए जरूरी है कि इंजन में डलने वाले इंजन ऑयल की क्वालिटी बिलकुल ठीक होनी चाहिए क्योंकि अगर ऑयल ल्युब्रीकेशन नहीं देगा तो इसमें इंजन के खराब होने के मौके ज्यादा होते हैं। इस मौसम में कार और बाइक दोनों के लिए इनकी सर्विस होना बेहतर जरूरी है।



3. कूलेंट को समय-समय पर चेक करते रहें:- गर्मियों के अलावा सर्दियों के समय में भी कार में कूलेंट का होना बेहद जरूरी है। कूलेंट को एंटीफ्रिज के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ठंडे तापमान में यह आपके इंजन को फ्रीज होने से बचाता है। कूलेंट का काम सिर्फ यह नहीं होता कि वह गर्म इंजन को ठंडा करता है बल्कि यह इंजन को नॉर्मल तापमान में रखता है। इसलिए मौसम चाहे कोई भी हो कार में कूलेंट हमेशा टॉप-अप रहना चाहिए।



4. इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी करते रहें चेक:- सर्दियों के मौसम में कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे स्पार्क प्लग, लाइटिंग और वायरिंग की ठीक से जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि कार स्टार्ट ना होने का एक कारण स्पार्क प्लग भी होता है। स्पार्क प्लग टर्मिनल, इंसुलेटर, रिब्स, सील्स और सेंट्रल इलेक्ट्रॉट से बना होता है जिसकी मदद से यह लंबे समय तक इंजन को चालू रखने में मदद करता है। वहीं, सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान लाइटिंग भी बेहद जरूरी होती है क्योंकि सूरज दिन के समय जल्दी ढल जाता है और कार की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स दोनों की लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए लाइट्स का भी बेहद ख्याल रखें और खराब होने पर इनकी वायरिंग की जांच करवाएं या फिर इन्हें तुरंत बदलवा लें।



5. टायर्स की देखभाल भी जरूरी:-
सर्दियां हो या गर्मियां, टायर्स का हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए। सर्दियों के समय में टायरों में हवा का प्रेशर ठीक होना चाहिए क्योंकि ठंडे मौसम में नमी की वजह से सड़कें गीली रहती हैं गीली सड़कों पर गाड़ी के फिसलने का डर ज्यादा रहता है। इसलिए सर्दियों में लंबी दूरी की यात्रा करते समय टायर्स की जांच करवा लेनी चाहिए, उनके अंदर के ट्रेक को चेक करवा लेना चाहिए। अगर टायर घिस गए हों तो उन्हें बदलवा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर में तो मैकेनिक आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अगर आप किसी ऐसी जगह फंस जाएं जो एक ग्रामीण इलाका हो तो वहां आपको मदद मिलना थोड़ा मुश्किल होता है।




Thursday, 23 November 2017

अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ !!

"अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ !!"

"Incridible Cars with Incrideble keys"

दोस्तों लक्सरी गाड़िया काफी खास होती है और बहुत मेहेंगी भी आती है। तो दोस्तों इन गाड़ियों में ऐसा क्या खास होता है जो इन्हे लक्सरी बनाता है। अगर बात करें इनकी खासियतों की तो इनमे बहुत साडी खासियतें होती है फिर चाहें वो इनका इंजिन हो या इनके टायर्स या इनके दरवाजे या इनका डिज़ाइन। उन्ही कुछ  में से एक खासियत के बारे में हम आपको बताने जा रहे है। दोस्तों गाड़ी जितनी मेहेंगी होती है उसकी सुरक्षा  उतनी ही जरुरी हो जाती है।  तो इन गाड़ियों की सुरक्षा के लिए इनके दरवाजों के लॉक कुछ खास बनाये जाते है।  जो सिर्फ कुछ खास चाबियों से  खुलते है।  तो आप भी देखिये अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ।


1.) जैगुआर ऍफ़-पेस: - जैगुआर ऍफ़-पेस की चाबी काफी अनोखी है। इसकी चाबी उन लोगो को  ध्यान में रख के बनायी गई है जो अपने हाथों में  चाबी रखना पसंद नहीं करते है या जो लोग अपनी चाबी  रख के भूल जाते है। इन्होंने अपनी गाड़ी की चाबी को बैंड का रूप दिया है जिसे आप अपने हाथो में पेहन सकते है। और यह चाबी वाटरप्रूफ होती है  जिससे आप गाड़ी को लॉक या अनलॉक  कर सकते है। 



2.) कोईनैसेगगम शील्ड :- इस गाड़ी की चाबी भी काफी अनोखी होती है आखिर हो भी क्यू ना। ये गाड़िया साल में मात्र  20 ही बनती है। और एक गाड़ी की कीमत 6 करोड़ के आस पास होती है। इस गाड़ी की चाबी शील्ड के आकार की होती है। जिसमे मेन चाबी शील्ड के आकार के कवर  होती है। जो आपको शाही फील देता है। इस चाबी की मदद से आप गाड़ी को लॉक या अनलॉक  कर सकते है। 

3.) टेस्ला मॉडल एस :- इस गाड़ी की चाबी इस गाड़ी की तरह ही है। अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार कम्पनी  टेस्ला ने अपनी एस  मॉडल की गाड़ी की चाबी को इस गाड़ी के रूप में ही बनाया है। आप इस चाबी की मदद से गाड़ी न सिर्फ लॉक और अनलॉक कर सकते है साथ ही आप इस चाबी की रिमोट डिस्टेंस तकनीक की मदद से आप गाड़ी को आगे पीछे भी कर सकते है। 




4 .) बी एम् डब्ल्यू  BMW 7 सीरीज :- इस गाड़ी की चाबी ब्लूटूथ से लेस है। इस गाड़ी की चाबी में डिजिटल टच स्क्रीन फीचर दिया गया है। और इस गाड़ी की चाबी में चार बटन दिए गए  है।  गाड़ी को लॉक और अनलॉक तो करते ही है साथ में साथ ही ट्रंक को खोलने तथा पेनिक में काम आता है।  इसमें 2.5 इंच का टच स्क्रीन डिस्प्ले दिया गया है  जिसमे आप क्लाइमेट कंट्रोल फीचर का फायदा उठा सकते है। 



Wednesday, 25 October 2017

दुनिया की पहली स्‍मार्ट ट्रेन : चीन में चलाई गई बिना पटरी वाली रेल ("Worlds first smart train runs in CHINA")


"दुनिया की पहली स्‍मार्ट ट्रेन"


"Worlds first smart TRAIN"


चीन ने दुनिया को पहली स्‍मार्ट ट्रेन का तोहफा दिया है। ये रेलगाड़ी वर्चुअल रेल लाइन पर रन करेगी । इन लाइन्‍स को चाइना की सड़कों पर बिछाया गया है। चीन के झूजो प्रांत में इसे तैयार किया गया है।

   


  • ये ट्रेन एक बार में 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। ट्रेन की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। ट्रेन में तीन कोच तैयार किए गए हैं। इन्‍हें आपस में मेट्रो की तरह जोड़ा गया है। जिससे स्‍मार्ट ट्रेन के अंदर भी यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकते हैं।
  • ये स्‍मार्ट ट्रेन फ्यूचर का ट्रांसपोर्ट है। इस ट्रेन सिस्‍टम को शहर के लिए तैयार किया गया है। इसे ऑटोनोमस रेल रैपिड ट्रांसिट कहते हैं। इसे चीन रेल कार्पोरेशन ने तैयार किया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेन कंपनी है। 
  • चीन के झूजो प्रांत में 4 मिलियन लोग रहते हैं। सभी को चीन के दूसरे शहरों में भी जाना होता है। ये ट्रेन उनके सफर को और भी आसान बनाएगी। इसे अगर लॉन्‍ग बस कहा जाए तो गलत नहीं होगी पर एक बस के मुकाबले ये कई अधिक संख्‍या में यात्रियों को ले जा सकती है।
  • इस ट्रेन की सबसे खास बात है इसके चलने का तरीका जो पुराने तरीको से हटकर है। इसे चलने के लिए किसी भी तरह का फिजिकल ट्रैक नहीं चाहिए। इस खास ट्रेन के लिए खास तौर पर रोड पर डॉट के रूप में अद्रश्‍य लाइनों को तैयार किया गया है।
  • एक किलोमीटर की कॉस्‍ट 17 से 23 मिलियन यूरो है। इस ट्रेन को चलाने के लिए रोड के अंदर सेंसर फिट किए जाते हैं। ये सेंसर ट्रैवल की जानकारी एकत्र करने में भी सक्षम होते हैं।

आइये हम आपको दिखाते है इस रेलगाड़ी की कुछ तस्वीरें  नीचे देखिये।  


  

  

  

  

  

  


Friday, 13 October 2017

डुकाती दियावेल डीजल भारत में हुई लॉन्च जानिए क्या है कीमत "Ducati diavel launch in INDIA know the price "

"डुकाती दियावेल डीजल भारत में हुई लॉन्च"


"Ducati diavel launch in INDIA"


इटली की दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी डुकाती ने डुकाती दियावेल डीजल भारत में पेश कर दिया हैं। वेल श्रेणी के वाहनों को देश में दुबारा लांच किया है। इसकी भारत में एक्स शोरूम कीमत 21 लाख 72 हजार रुपये है। जो हर राज्य के अनुसार बदल सकते है 

  

यह वाहन लिमिटेड एडिशन में पेश किया गया है और दुनिया भर में इसकी 666 इकाइयाँ ही उपलब्ध होंगी। इन्हें कैजुअल वीयर बनाने वाले डीजल लाइसेंभसग ब्रांड के क्रिएटिव डायरेक्टर एंड्रिया रोसो के सहयोग से इटली के दुकाती डिजाइन सेंटर में डिजाइन किया गया है।

डुकाती दियावेल डीजल का इंजन 152 एचपी वाला टेस्टास्ट्रेटा 11 डिग्री डीएस है। इसके फीचरों में एबीएस और दुकाती ट्रैक्शन कंट्रोल हैं। इसका पिछला पहिया 240 मिलि मीटर चौड़ा है। यह दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद, कोच्ची और कोलकाता में कंपनी के डीलरों के पास उपलब्ध है।

बाइक की स्पेसिफिकेशन जानने  नीचे पढ़े।




"डुकाती दियावेल डीजल" की कुछ खास बातें "

"some special sp[ecifications of "Ducati diavel diesel"

  • डुकाती दियावेल में 1198.4 सीसी का एल-ट्विन लिक्विड कूल्ड इंजन लगा हुआ है, जो 6-स्पीड ट्रांसमिशन से जुड़ा हुआ है।
  • डुकाती दियावेल का एग्जॉस्ट भी देखने में काफी शानदार लगता है। इसमें एल्युमिनियम टिप्स के साथ स्टेनलेस स्टील का मफलर लगाया गया है।
  • बाइक में न्यूट्रल, टर्न सिग्नल्स, हाई-बीम, डीटीसी इंटरवेंशन, एबीएस स्टेटस, ऑइल प्रेशर आदि के लिए वॉर्निंग लाइट्स भी लगी हैं।
  • बाइक में ट्यूब्युलर स्टील ट्रेलिस फ्रेम है जो काफी मजबूत है। इसके अलावा इस मोटरसाइकल के सस्पेंशन्स भी कमाल के हैं। इसका रियर सस्पेंशन फुली अजस्टेबल है।
  • बाइक के हैंडलबार में एलसीडी डिस्प्ले लगा है जिसके जरिए आप स्पीड, आरपीएम, टाइम, कूलैंट टेंपरेचर आदि पर नजर रख सकते हैं।
  • डुकाती दियावेल का कुल वजन लगगभ 240 किग्रा के आसपास है। इस बाइक की हैंडलिंग भी शानदार है।
  • डुकाती दियावेल के फ्रंट और रियर वील्स लाइटवेट अलॉय के बने हैं और 14-स्पोक के साथ आते हैं।
  • बाइक की सीट जमीन से 30.3 इंच की ऊंचाई पर है। इसका वीलबेस लगभग 62 इंच है।
  • यह बाइक आपको शानदार राइडिंग एक्सपीरियंस देने में सक्षम है। दुकाती डायवल 24 महीने की वॉरंटी के साथ आती है।
  • डुकाती दियावेल की कीमत लगभग 38 लाख रुपये (दिल्ली, एक्स-शोरूम) है।
  


                           

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Wednesday, 4 October 2017

"कैपिलरी एक्शन" क्या होता है ? ("what is "CAPILLARY ACTION"")

"कैपिलरी एक्शन" क्या होता है


"what is "CAPILLARY ACTION"

पानी अपने आप एक जगह से दूसरी जगह केपिलरी एक्शन के कारण पहुंच पता है । केपिलरी एक्शन एक तरल पदार्थ की क्षमता का वर्णन करता है जो गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ एक संकीर्ण जगह  जैसे कि एक पतली ट्यूब में प्रवाह करने के लिए होता है।


  

एक तरल का आदान प्रदान  दो विरोधी ताकतों का नतीजा होता है:

कोहेसन  ("Cohesion") - समान अणुओं या परमाणुओं के बीच का आकर्षक बल , हमारे मामले में तरल पदार्थ के अणुओं या परमाणुओं में  बीच का आकर्षक बल। उदाहरण के लिए, जल, में उच्च कोहेसन विशेषता है क्योंकि प्रत्येक पानी के अणु पड़ोसी अणुओं के साथ मिलकर  चार हाइड्रोजन बंधन बना सकते हैं

एडहेसिन  ("Adhesion") 
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भिन्न अणुओं या परमाणुओं के बीच आकर्षक बल , हमारे मामले में तरल के कणों और ट्यूब बनाने वाले कणों के बीच संपर्क क्षेत्र।
                             

कहा जा सकता  है कि तरल की केपिलरिटी उच्च होती है, जब कोहेसन एडहेसिन  से अधिक होता है, और इसके विपरीत। इसलिए, तरल के बारे में जानकारी पर्याप्त नहीं है यह निर्धारित करने के लिए है  कि कब कपिलरी की क्रिया होगी, इसलिए हमें ट्यूब के रासायनिक संरचना भी जानना चाहिए। 
इन दो, संपर्क क्षेत्र (ट्यूब के व्यास) के साथ, मुख्य वैरिएबल शामिल हैं उदाहरण के लिए, एक पतली कांच ट्यूब में पानी में हाइड्रोजन बंधन के कारण मजबूत चिपकने वाली ताकत होती है जो कि पानी की अणुओं और ट्यूब दीवार (गिलास = सिलिका = सीओ 2) में ऑक्सीजन परमाणुओं के बीच होती है। इसके विपरीत, पारा मजबूत सामंजस्य के कारण होता है, और इसलिए इसकी केपिलरी  बहुत कम होती है।

यह काम कैसे करता है?

how it works?

अगर एडहेसिन की ताकत एकजुटता और गुरुत्वाकर्षण (जब यह मौजूद होती है) से अधिक होती है, तरल के अणु ट्यूब की दीवार पर चिपक जाती है। हम देखेंगे कि तरल की ऊपरी सतह अवतल हो जाती है (संपर्क क्षेत्र में तरल की ऊंचाई ट्यूब के केंद्र में इसकी ऊंचाई से अधिक है)। तरल के अणुओं के बीच एकजुट बलों सतह तनाव को कम करने के लिए "प्रयास कर रहे हैं" (यानी तरल की ऊपरी सतह को समतल करने के लिए और इस प्रकार अवतल अवस्था में वृद्धि हुई सतह क्षेत्र को रोकने)। ऐसा करने पर, अणुओं में चढ़ाई होती है, जब तक कि   कोहेसन और एडहेसिन के बीच स्थिर अवस्था प्राप्त नहीं होती है (गुरुत्वाकर्षण घटकों के साथ या बिना)।

कई रोज़मर्रा की घटनाएं केपिलरी  क्रिया का परिणाम होती हैं, जिनमें ये शामिल हैं:

(1) एक कैरोसीन दीपक का तेल या मोमबत्ती का  तरल मोम, चूसना।
(2) कागज तौलिये के सूक्ष्म फाइबर पर चढ़ते हुए पानी का एक जगह से दूसरी जगह पे जाना । 


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Tuesday, 3 October 2017

सरफेस टेंशन क्या है ("what is "SURFACE TENSION")?



"सरफेस टेंशन क्या है"

"what is "SURFACE TENSION"

कीड़े पानी पर सरफेस टेंशन के कारन चल पाते है। "सरफेस टेंशन" या "सतह तनाव" एक ऐसी घटना है जिसमें द्रव की सतह, जहां तरल (liquid) गैस (gas) के संपर्क में होती है, एक पतली इलास्टिक शीट की तरह काम करती है। यह शब्द आमतौर पर तब ही प्रयोग होता है जब तरल सतह गैस (जैसे हवा) के संपर्क में होती है। यदि सतह दो तरल पदार्थ (जैसे कि पानी और तेल) के बीच है, तो इसे "इंटरफ़ेस तनाव" ("INTERFACE TENSION") कहा जाता है।



इसे हम यह कह सकते हैं कि, यह एक तरल सतह की खासियत होती है जो उसके अभिनय से प्रदर्शित होती है जैसे कि यह फैली इलास्टिक झिल्ली है इस घटना को तरल पदार्थ और साबुन के बुलबुले की छोटी बूंदों के लगभग गोलाकार आकार में देखा जा सकता है।

"सरफेस टेंशन" या "सतह तनाव" होने के कारण"

"CAUSES OF SURFACE TENSION"


विभिन्न कड़ो  के बीच लगने वाला  बल, जैसे वानडेरवाल बल, तरल कणों को एक साथ खींचता है । सतह के साथ वाले कणों को बाकी तरल के कड़ो  की तरफ खींच लिया जाता है, जैसा कि तस्वीर में दाईं ओर दिखाया गया है।

     



सतह तनाव मुख्य रूप से दिए गए तरल के कणों के बीच आकर्षण के बल पर निर्भर करता है और इसके साथ  ही  गैस, ठोस या तरल (liquid) के संपर्क में आने पर भी आकर्षण के बल पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, पानी की एक बूंद में अणु, एक अणु दूसरे कमजोर अणु को आकर्षित करते हैं। ड्रॉप के अंदर अच्छी तरह से पानी के अणुओं को आसपास के अणुओं द्वारा सभी दिशाओं में समान रूप से आकर्षित किया जा रहा है। हालांकि, अगर सतह के अणु सतह से थोड़े से विचलित हो सकते हैं, तो उन्हें आसपास के अणुओं द्वारा वापस आकर्षित किया जाएगा।


"पानी में कीड़े क्यों नहीं डूबते ?"

"why insects not sink's in water?"

कीड़ो के पैरों को अपने वजन को वितरित करने के लिए बनाया गया है, जिससे तरल की सतह एक समान हो जाती है, संभावित ऊर्जा को कम करने के लिए अपने बजन का संतुलन का संतुलन बना सकते है जिससे कि सतह पर सतह को तोड़े बिना पानी की सतह पर जा सकते है । यह आपके पैरों के डूबने के बिना गहरा बर्फ़बारी में चलने के लिए बर्फ के जूते पहनने की अवधारणा में समान होता है।

 

"सतह तनाव की इकाइयां"

"Units of Surface Tension"



सतह तनाव एन/ एम (न्यूटन प्रति मीटर) की एसआई इकाइयों में मापा जाता है, हालांकि अधिक सामान्य इकाई सीजीएस यूनिट डाइन / सेमी (DYN/CM)(डाइन प्रति सेंटीमीटर) है।

 

थर्मोडायनेमिक्स स्थिति के ऊष्मप्रवैगिकी पर विचार करने के लिए, यह कभी-कभी प्रति यूनिट क्षेत्र के काम के संदर्भ में विचार करने के लिए उपयोगी होता है। उस मामले में एसआई यूनिट जे / एम 2 (J/M2) (जूलस प्रति मीटर स्क्वायर) है। सीजीएस इकाई एर्ग / सेमी 2 है

 ये बल सतह कणों को एक साथ बाँधते हैं। हालांकि यह बंधन  कमजोर होता है - सभी के बाद भी तरल की सतह को तोड़ना बहुत आसान है - यह कई मायनों में प्रकट होता है।




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Saturday, 30 September 2017

जानिये क्यों एक 100 सीसी की बाइक मे 140 किमी / घण्टा स्पीडोमीटर होता है, जबकि इसकी अधिकतम गति 80-90 किमी / घण्टा है! "why does a 100CC bike have a 140KM/H SPEEDOMETER while its top speed only 80-90KM/H") !!

"जानिये क्यों एक 100 सीसी की बाइक मे 140 किमी / घण्टा स्पीडोमीटर होता है, जबकि इसकी अधिकतम गति 80-90 किमी / घण्टा है"

"WHY DOES A 100CC BIKE HAVE A 140KM/H SPEEDOMETER WHILE ITS TOP SPEED ONLY 80-90KM/H"



 
 

अधिकतर बाइक की अधिकतम गति 70-75 किमीमीटर/घण्टा की होती है। लेकिन कई बार डाउनहिल गति 90 किमी तक बढ़ सकती है (जब गियर लगा होता है, तब भी डाउनहिल गति इंजन की उच्चतम गति से नियंत्रित होती है)। स्पीडोमीटर में 120kmph तक अंक चिह्नित होते है इसका कारण यह है कि यदि स्पीडोमीटर को केवल 80-90 किमी प्रति मिनट तक चिह्नित किया गया होता तो, स्पीडोमीटर की सुई चरम सीमा तक पहुंच जायेगी। इससे उपयोगकर्ता द्वारा उस सुई को खोजने के लिए और स्पीड को समझने में काफी अधिक समय लगेगा। लेकिन 120kmph वाले स्पीडोमीटर मे सुई बीच में रहती है। यानी हम इसे देख सकते हैं और स्थिति को बहुत तेज़ी से समझ सकते हैं। यह समय की दूरी एक करीब मिस और दुर्घटना के बीच में अंतर हो सकती है।

  Image result for 140 km digital speedometer of bike


स्पीडोमीटर और टैकोमीटर, दोनों ही समान अवधारणा पर काम करते है। जब टैकोमीटर में सुई गियर के केंद्र में होती है तो आपको गियर मे बदलाव करना चाहिए। इसी तरह यदि स्पीडोमीटर में सुई सबसे ऊपर है तो, गति सामान्य से ज्यादा होती है।

औद्योगिक गेज में, हम मध्य क्षेत्र को हरा क्षेत्र के रूप में सेट करते हैं, बाएं और दाएं क्षेत्र को लाल रूप में सेट करते है। इसलिए जब भी निरीक्षण किया जाता है तो, सभी निरीक्षक को यह देखना होता है कि सुई हरे रंग के क्षेत्र में है या नहीं। यदि यह सीधे हरे रंग के क्षेत्र में है, तो यह ठीक है। अन्यथा, यह ठीक नहीं है और हमे गति में बदलाव की जरूरत है।

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Friday, 29 September 2017

अपनी मोटरसाइकिल को धोने के लिए 10 टिप्स ("Top 10 tips for washing your motorcycle")


"अपनी मोटरसाइकिल को धोने के लिए 10 टिप्स"

"Top 10 tips for washing your motorcycle"


अपनी मोटरसाइकिल धोने से आपकी सवारी बहुत अच्छी लगती है। यदि आप अपनी बाइक को नियमित रूप से और सही तरीके से नहीं धोते हैं, तो इससे आपकी बाइक दिखने मे गंदी लगेगी और उसके भागों को नुकसान भी पहुंचेगा। इसलिये अापको अपनी गंदी मोटरसाइकिल को समय समय पर धोना चाहिये, हालांकि, इसको धोने मे  पानी, स्पंज और डिटर्जेंट जैसी कुछ बुनियादी चीजो के अलावा किसी और चीज की आवश्यकता नहीं होती है। पॉलिश को पहियों और किसी भी भाग पर लगाना सफाई को खत्म करने से पहले, आपकी बाइक को नई जैसी लुक दे सकता है। हम आपको आज मोटरसाइकिल धोने की कुछ टिप्स  दे रहे है।

  Image result for 10 tips for washing a bike

मोटरसाइकिल धोने की प्रक्रिया को तीन चरणो मे बाटा गया है।

  1. अपने मोटर साइकिल को धोने से पूर्व सफाई।
  2. अपने मोटर साइकिल की शारीरिक धुलाई।
  3. अपने मोटर साइकिल को अतिरिक्त चमकाना।
अपने मोटर साइकिल को धोने से पूर्व सफाई

"Pre-Cleaning Your Motorcycle"


अपनी बाइक को ठण्डा  होने दे :-  एक गर्म इंजन में पानी का छिड़काव, मोटरसाइकिल को नुकसान पहुचा सकता है, तापमान में अचानक परिवर्तन इंजन को ब्लॉक कर सकता है। यहां तक ​​कि अगर अापकी मोटर साइकिल कीचड़ में घसीट गयी हो, तो धोने से पहले इसे ठण्डा होने दे।

अपने सफाई गियर को एक साथ इकठठा करे।:-जब आप अपने मोटरसाइकिल को ठंडा करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं, तो आप को साफ करने की सभी आवश्यक सामग्री आपके स्थान पर इकट्ठा कर लेनी चाहिये जैसै किंं
  • एक बाल्टी
  • एक साफ स्पंज या दो 
  • कई साफ, सूखे कपड़े (सीमोआई या माइक्रोफैबर) 
  • Degreaser और / या WD-40 
  • एक पुराने टूथब्रश (साफ तंग जगहों को साफ करने में मदद करने के लिए) 
  • ऑटो / मोटरसाइकिल मोम (वैकल्पिक) 
  • बग और तार हटानेवाला (यदि आवश्यक हो)
  • क्रोम क्लीनर (यदि आवश्यक हो)

चेन को साफ करके बाइक धोना प्रारंभ करें:- यदि आपकी मोटरसाइकिल में एक चेन है, तो गंदगी साफ करना और इससे पहले ग्रीस साफ करना एक स्मार्ट कदम होता है।इससे जब आप बाइक को साफ करने की कोशिश कर रहे होते हैं, तो यह आपके बाइक के सभी हिस्सों में छिड़कने से बच जाता है। मलबे को ढीला करने के लिए चेन पर स्प्रे करें, फिर इसे एक साफ कपड़े से साफ कर दें।

  Image result for pre cleaning of motorcycle


अपने मोटर साइकिल की शारीरिक धुलाई।

Washing the Body

ठण्डे पानी के साथ धोयें:-यह किसी भी गंदगी को ढीला करने में मदद करेगा और जितना संभव हो उतनी देर तक करने से, सफाई प्रक्रिया को आसान बना देगा। एक नली से पानी की कोमल धारा का उपयोग करना चाहिये  उच्च दबाव स्प्रे , पेंट या अन्य सामग्रियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

एक नरम स्पंज या कपड़ा के साथ पूरी बाॅडी को रगड़ें:- ठंडे पानी की एक बाल्टी में एक स्पंज या मुलायम कपड़े को डुबो के अपनी मोटर साइकिल के शरीर के ऊपर इसे रगडें। यदि आप अपनी बाइक से नमक को दूर करने के लिए सफाई कर रहे हैं तो  (जैसे कि सर्दियों के रास्ते पर सवार होने के बाद), बस केवल पानी का उपयोग करें। डिटर्जेंट या अन्य क्लीनर का उपयोग करना नमक की समस्या को भी बदतर बना सकता है।

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प्लास्टिक के हिस्सों को साबुन वाले पानी से साफ करें:-यदि आपकी मोटर साइकिल की बाॅडी पर प्लास्टिक के हिस्से हैं, तो अनुमोदित ऑटो डिटर्जेंट का इस्तेमाल करना ठीक है। ठंडे पानी की एक बाल्टी में कुछ डिटर्जेंट घोल लें, और उसमें  स्पंज डूबा के मोटर साइकिल की बाॅडी के  प्लास्टिक के भागों को पोंछ दें।

पूरी मोटरसाइकिल को फिर से धोयें:-
जब आप अपनी बाइक से सभी गंदगी और जमी हुई मल को गीला कर देते हैं, तो फिर अपने पाइप की मदद से पानी की धार मारकर दुबारा धोना चाहियें।अगर पाइप नही है तो स्पंज को डुबा कर साफ कर सकते है।

अतिरिक्त पानी को हटा दें और अपनी बाइक को सूखा ले:- एक सूखा सूती या माइक्रोफाइबर कपड़ा लें और धीरे-धीरे अपनी मोटरसाइकिल को रगड़ें। यह उस पर छोड़े गए पानी को दूर कर देगा, ताकि आपकी बाइक एयर-ड्रिंक्स के रूप में कोई भी पानी के धब्बे न बने । सीधे सूरज की रोशनी में अपनी मोटर साइकिल को सूखने न दें, क्योंकि इससे पानी के धब्बे भी हो सकते हैं।

  

अपने मोटर साइकिल को अतिरिक्त चमकाना।

Detailing Your Ride



जिद्दी बडे छोटे कीडो को निकालें :-कोई भी बाइकर जानता है कि अच्छी सवारी आपकी मोटरसाइकिल को छोड़ सकती है क्योंकि मक्खियों के झुंड के खिलाफ आप युद्ध लड़ रहे थे। यदि आपकी मोटरसाइकिल बग बूम में पड़ी हुई है, तो इसे बग और तार हटानेवाला के साथ उदारतापूर्वक सूखे कीडे ढीला होने के बाद, इसे साफ़ करने के लिए एक नरम स्पंज या कपड़ा का उपयोग करें, और किसी भी शेष अवशेष को हटाने के लिए एक अन्य तार का उपयोग करें।

साबुन के पानी के साथ एल्यूमीनियम पहियों को साफ करें:-कई आधुनिक बाइकों में हल्के एल्यूमीनियम के पहियों  होते हैं यदि आप साफ करना चाहते हैं, तो केवल साबुन का पानी और एक मुलायम कपड़े का उपयोग करें। पानी से धोयें और एक सूखे कपड़े से पोंछें।

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अतिरिक्त सुरक्षा के लिए कार या मोटरसाइकिल वैक्स का उपयोग करें:-एक गुणवत्ता वाले वैक्स आपकी बाइक की रक्षा कर सकते हैं और जमी हुई गंदगी को दूर रख सकते हैं। अपनी बाइक के पूरी तरह से साफ होने के बाद इसे लगाये और अपने वैक्स पर छपे निर्देशों का पालन करें। प्रत्येक उत्पाद में थोड़े अलग अलग निर्देश होंगे।

अपने बीयरिंग पर संरक्षक स्प्रे छिडकें:-
बीयरिंग मोटर साइकिल के सबसे महत्वपूर्ण लेकिन नाजुक भागों में से एक हैं। एक समर्पित सुरक्षात्मक स्प्रे, कोयटिंग बीयरिंगों में मदद करेगा । सटीक अनुप्रयोग निर्देशों के लिए अपने चुने हुए उत्पाद के पैकेज को देखें।

  

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Thursday, 28 September 2017

क्यों हैचबैक कार में रीयर विन्डो वाइपर होता है लेकिन सेडान कारों में नहीं ("WHY Hatchbacks Have Rear Window Wiper But Sedans Don't"") !!!


"क्यों हैचबैक कार में रीयर विन्डो वाइपर होता है लेकिन सेडान कारों में नहीं "


"WHY Hatchbacks Have Rear Window Wiper But Sedans Don't"


रियर वाइपर मूलतः  वाहनों की पीछे वाली खिड़की के लिए होते हैं, जो वायु के कारण जमा हुई धूल, गंदगी, बर्फ आदि को साफ करते हैं। पीछे वाली खिड़की पर हवा का प्रवाह और दवाव कम होता है जिसके कारण पीछे की खिड़की के क्षेत्र मे भी कम दबाव बनता है जो की धूल, गंदगी, बर्फ आदि खींचता है और यह गंदगी  वाहनों की पीछे वाली खिड़की की सतह पर जमा हो जाती है।


 




सीडेन,  कारें वायु के प्रवाह को ध्यान मे रख के बनायी जाती है।सीडेन,  कारों की छते उपर से कार की दोनो साइडों से मुडी हुई होती है जिसे एरोडायनैमिक (Aerodynamics) आकार कहा जाता है। यदि हम इन कारो में एक वाइपर जोड़ते है तो इससे एरोडायनामिक प्रभाव पर अधिक असर पडता है।ये कारे तेज गति से चलने के लिये बनायी जाती है और खींचें जिससे थोड़ा और एरोडायनामिक (Aerodynamics) प्रभाव पर अधिक असर पडने से इनकी गति कम हो सकती है और साथ ही अधिक ईंधन भी इस्तेमाल मे लग सकता है। एक वाइपर को भी एक इलेक्ट्रिक मोटर और एक काफी जटिल तंत्र और लंबी बांह की आवश्यकता होती है, जिससे पूरे ग्लास में वाइपर एक तरफ से दूसरी तरफ स्वीप कर पाता है। और वाइपर को चलाने मे इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रिसिटी ईंधन की खपत बडाती है। इसलिये सेडान कारों में वाइपर नही होता है।





एसयूवी / हैचबैक कारो मे पीछे की ओर लगभग ऊर्ध्वाधर खिड़कियां होती हैं, लेकिन एयरफ्लो को निर्देशित करने के लिए ट्रंक नहीं होता है। इन कारो का पिछला हिस्सा सपाट होता है और इनकी छते भी पीछे से सपाट होती है। जिससे उस क्षेत्र में एक कम दबाव वाला क्षेत्र बन जाता है, जब यह कारो की गति बढ़ती है तो,  पानी और गंदगी उस क्षेत्र की तरफ खिचे चले आते है और इस प्रकार खिड़की बहुत गंदी हो जाती है।इसलिये एसयूवी / हैचबैक कारों में वाइपर होता है।

यह पूरी तरह से वायुगतिकी/एरोडायनामिक (Aerodynamics) की अवधारणा पर आधारित होता है !!



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