Friday, 8 December 2017

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

"How to save your car from winter season"


ठंड के मौसम में गाड़ियों में तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती हैं जो कि उसके परफार्मेंस पर असर डालती हैं। इन दिक्कतों में गाड़ियों का मुश्किल से स्टार्ट होना, स्टार्ट होने के बाद पिकअप में समय लेना, हॉर्न का न बजना और लाइट्स डिम हो जाना प्रमुख होता है। हालांकि आप कुछ सावधानियां और टिप्स को फॉलो कर इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।



ऑटो एक्सपर्ट मानते हैं कि सर्दियों में कार की फुल सर्विस, बैटरी, लाइटिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, कूलेंट और टायर्स का विशेष ख्याल रखना चाहिए।ऑटो एक्सपर्ट ने कुछ टिप्स सुझाए हैं जिनकी मदद से आप भी सर्दियों में अपनी कार को बिलकुल फिट रख सकते हैं। हम इन्हीं टिप्स को आपको बताने जा रहे हैं। 


1. बैटरी का रखें विशेष ख्याल:-
बैटरी को कार का अहम हिस्सा माना जाता है क्योंकि कार की बैटरी ही गाड़ी को स्टार्ट करती है, अगर बैटरी 3 साल से ज्यादा पुरानी हो गई हो, तो उसे बदल लें या फिर मैकेनिक से चेक करवा लें। इसके अलावा अगर कार की लाइट्स डिम हो गईं हो या फिर हॉर्न बजाते समय आवाज ठीक तरह से नहीं आ रही है तो इसका मतलब है कि बैटरी खराब होना शुरू हो गई है। ऐसे में आप खुद भी बैटरी चेक कर सकते हैं और अगर बैटरी के टर्मिनल पर सफेद-पीला पाउडर जमा हो रहा है तो उसे गर्म पानी के साथ हार्ड ब्रश से साफ कर लें।



2. कार की सर्विस कराना है सबसे जरूरी:- सर्दियों में लोग सुबह-सुबह गाड़ी स्टार्ट न होने की वजह से परेशान हो जाते हैं। इस मौसम में सबसे ज्यादा उन गाड़ियों को दिक्कतें आती हैं जिनकी सर्विस ठीक से या फिर समय पर नहीं करवाई जाती है। इसलिए अगर सर्दियों में कहीं लंबी दूरी की यात्रा करने जा रहे हैं तो कार की सर्विस जरूर करवाएं। कार की सर्विस इसलिए जरूरी है कि इंजन में डलने वाले इंजन ऑयल की क्वालिटी बिलकुल ठीक होनी चाहिए क्योंकि अगर ऑयल ल्युब्रीकेशन नहीं देगा तो इसमें इंजन के खराब होने के मौके ज्यादा होते हैं। इस मौसम में कार और बाइक दोनों के लिए इनकी सर्विस होना बेहतर जरूरी है।



3. कूलेंट को समय-समय पर चेक करते रहें:- गर्मियों के अलावा सर्दियों के समय में भी कार में कूलेंट का होना बेहद जरूरी है। कूलेंट को एंटीफ्रिज के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ठंडे तापमान में यह आपके इंजन को फ्रीज होने से बचाता है। कूलेंट का काम सिर्फ यह नहीं होता कि वह गर्म इंजन को ठंडा करता है बल्कि यह इंजन को नॉर्मल तापमान में रखता है। इसलिए मौसम चाहे कोई भी हो कार में कूलेंट हमेशा टॉप-अप रहना चाहिए।



4. इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी करते रहें चेक:- सर्दियों के मौसम में कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे स्पार्क प्लग, लाइटिंग और वायरिंग की ठीक से जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि कार स्टार्ट ना होने का एक कारण स्पार्क प्लग भी होता है। स्पार्क प्लग टर्मिनल, इंसुलेटर, रिब्स, सील्स और सेंट्रल इलेक्ट्रॉट से बना होता है जिसकी मदद से यह लंबे समय तक इंजन को चालू रखने में मदद करता है। वहीं, सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान लाइटिंग भी बेहद जरूरी होती है क्योंकि सूरज दिन के समय जल्दी ढल जाता है और कार की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स दोनों की लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए लाइट्स का भी बेहद ख्याल रखें और खराब होने पर इनकी वायरिंग की जांच करवाएं या फिर इन्हें तुरंत बदलवा लें।



5. टायर्स की देखभाल भी जरूरी:-
सर्दियां हो या गर्मियां, टायर्स का हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए। सर्दियों के समय में टायरों में हवा का प्रेशर ठीक होना चाहिए क्योंकि ठंडे मौसम में नमी की वजह से सड़कें गीली रहती हैं गीली सड़कों पर गाड़ी के फिसलने का डर ज्यादा रहता है। इसलिए सर्दियों में लंबी दूरी की यात्रा करते समय टायर्स की जांच करवा लेनी चाहिए, उनके अंदर के ट्रेक को चेक करवा लेना चाहिए। अगर टायर घिस गए हों तो उन्हें बदलवा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर में तो मैकेनिक आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अगर आप किसी ऐसी जगह फंस जाएं जो एक ग्रामीण इलाका हो तो वहां आपको मदद मिलना थोड़ा मुश्किल होता है।




Thursday, 7 December 2017

टीवीएस ने टीवीएस अपाचे आरआर 310 लॉन्च की | TVS Apache RR 310 launched | Specifications | Price

TVS Apache RR 310 launched
टीवीएस ने टीवीएस अपाचे आरआर 310 लॉन्च की।

टीवीएस ने अपनी पहली 300 सीसी स्पोर्ट बाइक, अपाचे आरआर 310, 2.05 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की कीमत पर लॉन्च कर दी है। खास होने के नाते, इस नई बाइक को बाइकिंग के प्रति उत्साह बनाए रखने के लिए स्टाइलिंग और तकनीकी विशेषताओं के साथ आती है। फैयरिंग साइड पैनल में बाइक को तेज और कोणीय रेखाएं पंख और गिल-प्रकार के विवरण दिए गए हैं। टीवीएस ने तेजी से सेवा को सक्षम करने वाले फेयरिंग असेंबली के लिए क्लिप प्रकार फास्टनरों का उपयोग किया है पीछे के नंबर प्लेट होल्डर  को भी ट्रैक उपयोग के लिए आसानी से हटाया जा सकता है। इसके साथ ही फ्रंट फेयरिंग में रियर व्यू मिरर रखा गया है जो सर्वश्रेष्ठ-इन-क्लास दृश्यता वादा करता है।


इसमें दो हेडलेम्प सेटअप एलईडी प्रकाश वाले प्रोजेक्टर के साथ 30 से कम वाटों का उपभोग करने का दावा करती है, फिर भी अच्छे प्रकाश के करीब रोशनी प्रदान करती है दोनों रोशनी उच्च और निम्न बीम स्थितियों में रहती हैं। टेललेम्प और टर्न इंडिकेटर में भी एलईडी लाइट का इस्तेमाल किआ गया हैं।पूरी तरह से डिजिटल उपकरण क्लस्टर में एक ऊर्ध्वाधर लेआउट है और साथ ही यह डी रेगेयर जानकारी के साथ-साथ इंजन के तापमान और गियर की स्थिति भी दिखाएगा। बाइक पर खतरे के संकेतक एक और क्लास-पहले हैं।


बॉडी वर्क को इंजन से गर्म हवा को सीधे सवारी से दूर और दूर करने के लिए अनुकूलित किया गया है। टीवीएस का दावा है कि मोटरसाइकिल में सबसे अच्छा ड्रैग गुणांक है जो इसे 163 कि.मी. की ऊपरी गति तक पहुंचने में सक्षम बनाता है।



इसमें 312.2 सीसी तरल-कूल्ड एकल  इंजिन  है , बीएमडब्लू जी 310 आर से उधार लिया गया है , सामने में सेवन के साथ एक अनूठा लेआउट है और पीछे में निकास है। पावर आउटपुट 34 पर्स 9,700 आरपीएम है, जबकि टोक़ 277 एनएम पर 7,700 आरपीएम पर है। एक 16 9 .5 किलोग्राम कटौती वजन और एक छोटे अनुपात गियरबॉक्स के साथ, अपाचे आरआर 310 एकल-सिलेंडर 300 सीसी क्लास में 2.93 सेकंड के तेज त्वरण का दावा करता है। यह भी सर्वश्रेष्ठ-इन-क्लास इन-गियर एक्सलरेशन का वादा करता है।


ब्रेकिंग एक 300mm फ्रंट पंखुड़ी डिस्क के सौजन्य से है, रेडियल एक ट्विन पिस्टन कैलीपर और 240 मिमी रियर डिस्क के लिए clamped। बाइक को कॉन्टिनेंटल से दोहरी चैनल एबीएस भी मिलता है। टीवीएस अपाचे आरआर 310 के लिए सर्वश्रेष्ठ-इन-क्लास ब्रेकिंग का दावा करता है।


टीवीएस केवल आरआर 310 की शुरूआत नहीं कर रही है, बल्कि अपाचे इसमें अनुभव भी शामिल कर  रही है जिसमें रेसिंग अनुभव शामिल है, जो एक चैम्पियन बनाती हैं। 


अपाचे आरआर 310 ने बहुत कुछ वादा  दिया है  और 2.05 लाख रुपए (एक्स-शोरूम) के मूल्य का ब्योरा दिया, यह भी अच्छा मूल्य है। बात करे इसके  प्रतिस्पर्धा की तो  KTM आरसी 390 , कावासाकी निन्जा 300 और बेनेली 302 आर के रूप में आती  है ।

Sunday, 26 November 2017

कार खरीदनें से पहले जरूर चेक करें ये 5 फीचर्स ।।

"कार खरीदनें से पहले जरूर चेक करें ये  5 फीचर्स "

"Check these 5  features before buy a Car"

दोस्तों अगर आप कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यहां हम आपके लिए कुछ ऐसे फीचर्स के बारे में बता रहे हैं जो आपको कार खरीदने से पहले जरूर जान लेनी चाहिए  जो आपकी कार में अगर होंगे तो आपकी कार न केवल स्मार्ट होगी बल्कि आपको ड्राइव करते समय कोई असुविधा भी नहीं होने देगी। आइये जानते हैं इन फीचर्स के बारे में।


1.एयरबैग:- हर कार में सुरक्षा बहुत जरूरी होती है, और अगले साल अप्रैल से सरकार नई कारों के लिए नए सुरक्षा नॉर्म्स लागू करने जा रही है जिसमें कारों में सुरक्षा के फीचर्स जरूरी होंगे। लेकिन अगर आप अभी कोई कार खरीदने जा रहे हैं तो एयरबैग और एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर को जरूर चेक कर लें। ए वी एस भी इन्हीं फीचर्स में से एक है  ए वी एस तेज़ रफ्तार में इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान कार को आपके कंट्रोल में रखता है और उसे फिसलने नहीं देता है।इससे हादसा होने की संभावना कम हो जाती हैं। वहीं पर एयरबैग गंभीर हादसों की स्थिति में ड्राइवर और पैसेंजर को जानलेवा चोट से बचाता है।





2.सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम:- सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम भी एक तरह का सेफ्टी फीचर है, जो आपकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई कार को चोरी या छेड़छाड़ की आशंकाओं से बचाता है। सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम कार चोरी होने की संभावना को काफी कम कर देता है। यह ड्राइविंग के दौरान यह सिस्टम चारों दरवाजों को लॉक भी कर देता है। जिससे ड्राइविंग के दौरान आपकी सुरक्षा कायम रहती है। तो आगे जब भी कार खरीदें तो ये फीचर जरूर चेक क्र लें। 



3.रियर पार्किंग सेंसर कैमरे के साथ :- भीड़भाड़ या छोटी जगहों पर कार पार्किंग एक बड़ी समस्या है। ऐसे में रियर पार्किंग सेंसर या फिर कैमरा आपके लिए पार्किंग में मदद कर सकता है। यह फीचर आपको कार पार्क करते समय कार के पीछे की स्थिति के बारे में बताता रहता है।जब कोई चीज या कोई जीवित प्राणी  कार के नजदीक आ जाता है तो यह वार्निंग देकर आपको सतर्क कर देता है। इस प्रकार रियर पार्किंग सेंसर/कैमरा की मदद से आप कार को बिना किसी तनाव के आसानी से पार्किंग में लगा सकते हैं।





4. पावर विंडो  &पावर स्टीयरिंग :- आज के दौरा में पावर विंडो कॉमन फीचर हो गया है। ज्यादातर कारों में आगे की विंडो के लिए यह फीचर स्टैंडर्ड तौर पर मिलने लगा है। सिर्फ आराम ही नहीं बल्कि कार और पैसेंजर की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अहम फीचर है। कोशिश करें कि आपकी कार में आगे और पीछे दोनों तरफ पावर विंडो की सुविधा आपको मिल जाए। वैसे बाहर से भी आप पावर विंडो सिस्टम लगवा सकते हैं। और उसी तरह पावर स्टीयरिंग भी आपको गाड़ी को आसानी से मोड़ने में मदद करता है। तो आप पावर स्टेयरिंग को भी लगवा सकते है। 


5.ब्लूटूथ वाला इंफोटेंमेंट सिस्टम :- एक कार म्यूजिक सिस्टम बेहद जरूरी होता है, आज कल तो लगभग हर कार के साथ स्टीरियो सिस्टम के साथ ब्लूटूथ, ऑक्स और यूएसबी कनेक्टिविटी फंक्शन जैसे फीचर्स आने लगे हैं। म्यूजिक सिस्टम सिर्फ गानें सुनने तक ही सिमित नहीं रह गया है बल्कि यह अब इंफोटेंमेंट सिस्टम में बदल चुका है क्योकिं इसमें कार के दूसरे फंक्शनों की जानकारी के अलावा फोन को कनेक्ट करने की सुविधा भी मिलती है साथ ही । तो इसलिए आप कोशिश करे जब भी इंफोटेनमेंट सिस्टम चुनें तो स्मार्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम ही चुनें। 




Thursday, 23 November 2017

अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ !!

"अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ !!"

"Incridible Cars with Incrideble keys"

दोस्तों लक्सरी गाड़िया काफी खास होती है और बहुत मेहेंगी भी आती है। तो दोस्तों इन गाड़ियों में ऐसा क्या खास होता है जो इन्हे लक्सरी बनाता है। अगर बात करें इनकी खासियतों की तो इनमे बहुत साडी खासियतें होती है फिर चाहें वो इनका इंजिन हो या इनके टायर्स या इनके दरवाजे या इनका डिज़ाइन। उन्ही कुछ  में से एक खासियत के बारे में हम आपको बताने जा रहे है। दोस्तों गाड़ी जितनी मेहेंगी होती है उसकी सुरक्षा  उतनी ही जरुरी हो जाती है।  तो इन गाड़ियों की सुरक्षा के लिए इनके दरवाजों के लॉक कुछ खास बनाये जाते है।  जो सिर्फ कुछ खास चाबियों से  खुलते है।  तो आप भी देखिये अनोखी गाड़ियों की अनोखी चाबियाँ।


1.) जैगुआर ऍफ़-पेस: - जैगुआर ऍफ़-पेस की चाबी काफी अनोखी है। इसकी चाबी उन लोगो को  ध्यान में रख के बनायी गई है जो अपने हाथों में  चाबी रखना पसंद नहीं करते है या जो लोग अपनी चाबी  रख के भूल जाते है। इन्होंने अपनी गाड़ी की चाबी को बैंड का रूप दिया है जिसे आप अपने हाथो में पेहन सकते है। और यह चाबी वाटरप्रूफ होती है  जिससे आप गाड़ी को लॉक या अनलॉक  कर सकते है। 



2.) कोईनैसेगगम शील्ड :- इस गाड़ी की चाबी भी काफी अनोखी होती है आखिर हो भी क्यू ना। ये गाड़िया साल में मात्र  20 ही बनती है। और एक गाड़ी की कीमत 6 करोड़ के आस पास होती है। इस गाड़ी की चाबी शील्ड के आकार की होती है। जिसमे मेन चाबी शील्ड के आकार के कवर  होती है। जो आपको शाही फील देता है। इस चाबी की मदद से आप गाड़ी को लॉक या अनलॉक  कर सकते है। 

3.) टेस्ला मॉडल एस :- इस गाड़ी की चाबी इस गाड़ी की तरह ही है। अमेरिका की इलेक्ट्रिक कार कम्पनी  टेस्ला ने अपनी एस  मॉडल की गाड़ी की चाबी को इस गाड़ी के रूप में ही बनाया है। आप इस चाबी की मदद से गाड़ी न सिर्फ लॉक और अनलॉक कर सकते है साथ ही आप इस चाबी की रिमोट डिस्टेंस तकनीक की मदद से आप गाड़ी को आगे पीछे भी कर सकते है। 




4 .) बी एम् डब्ल्यू  BMW 7 सीरीज :- इस गाड़ी की चाबी ब्लूटूथ से लेस है। इस गाड़ी की चाबी में डिजिटल टच स्क्रीन फीचर दिया गया है। और इस गाड़ी की चाबी में चार बटन दिए गए  है।  गाड़ी को लॉक और अनलॉक तो करते ही है साथ में साथ ही ट्रंक को खोलने तथा पेनिक में काम आता है।  इसमें 2.5 इंच का टच स्क्रीन डिस्प्ले दिया गया है  जिसमे आप क्लाइमेट कंट्रोल फीचर का फायदा उठा सकते है। 



Wednesday, 25 October 2017

दुनिया की पहली स्‍मार्ट ट्रेन : चीन में चलाई गई बिना पटरी वाली रेल ("Worlds first smart train runs in CHINA")


"दुनिया की पहली स्‍मार्ट ट्रेन"


"Worlds first smart TRAIN"


चीन ने दुनिया को पहली स्‍मार्ट ट्रेन का तोहफा दिया है। ये रेलगाड़ी वर्चुअल रेल लाइन पर रन करेगी । इन लाइन्‍स को चाइना की सड़कों पर बिछाया गया है। चीन के झूजो प्रांत में इसे तैयार किया गया है।

   


  • ये ट्रेन एक बार में 300 यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी। ट्रेन की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। ट्रेन में तीन कोच तैयार किए गए हैं। इन्‍हें आपस में मेट्रो की तरह जोड़ा गया है। जिससे स्‍मार्ट ट्रेन के अंदर भी यात्री एक कोच से दूसरे कोच में जा सकते हैं।
  • ये स्‍मार्ट ट्रेन फ्यूचर का ट्रांसपोर्ट है। इस ट्रेन सिस्‍टम को शहर के लिए तैयार किया गया है। इसे ऑटोनोमस रेल रैपिड ट्रांसिट कहते हैं। इसे चीन रेल कार्पोरेशन ने तैयार किया है। यह दुनिया की सबसे बड़ी ट्रेन कंपनी है। 
  • चीन के झूजो प्रांत में 4 मिलियन लोग रहते हैं। सभी को चीन के दूसरे शहरों में भी जाना होता है। ये ट्रेन उनके सफर को और भी आसान बनाएगी। इसे अगर लॉन्‍ग बस कहा जाए तो गलत नहीं होगी पर एक बस के मुकाबले ये कई अधिक संख्‍या में यात्रियों को ले जा सकती है।
  • इस ट्रेन की सबसे खास बात है इसके चलने का तरीका जो पुराने तरीको से हटकर है। इसे चलने के लिए किसी भी तरह का फिजिकल ट्रैक नहीं चाहिए। इस खास ट्रेन के लिए खास तौर पर रोड पर डॉट के रूप में अद्रश्‍य लाइनों को तैयार किया गया है।
  • एक किलोमीटर की कॉस्‍ट 17 से 23 मिलियन यूरो है। इस ट्रेन को चलाने के लिए रोड के अंदर सेंसर फिट किए जाते हैं। ये सेंसर ट्रैवल की जानकारी एकत्र करने में भी सक्षम होते हैं।

आइये हम आपको दिखाते है इस रेलगाड़ी की कुछ तस्वीरें  नीचे देखिये।  


  

  

  

  

  

  


Friday, 13 October 2017

डुकाती दियावेल डीजल भारत में हुई लॉन्च जानिए क्या है कीमत "Ducati diavel launch in INDIA know the price "

"डुकाती दियावेल डीजल भारत में हुई लॉन्च"


"Ducati diavel launch in INDIA"


इटली की दुपहिया वाहन निर्माता कंपनी डुकाती ने डुकाती दियावेल डीजल भारत में पेश कर दिया हैं। वेल श्रेणी के वाहनों को देश में दुबारा लांच किया है। इसकी भारत में एक्स शोरूम कीमत 21 लाख 72 हजार रुपये है। जो हर राज्य के अनुसार बदल सकते है 

  

यह वाहन लिमिटेड एडिशन में पेश किया गया है और दुनिया भर में इसकी 666 इकाइयाँ ही उपलब्ध होंगी। इन्हें कैजुअल वीयर बनाने वाले डीजल लाइसेंभसग ब्रांड के क्रिएटिव डायरेक्टर एंड्रिया रोसो के सहयोग से इटली के दुकाती डिजाइन सेंटर में डिजाइन किया गया है।

डुकाती दियावेल डीजल का इंजन 152 एचपी वाला टेस्टास्ट्रेटा 11 डिग्री डीएस है। इसके फीचरों में एबीएस और दुकाती ट्रैक्शन कंट्रोल हैं। इसका पिछला पहिया 240 मिलि मीटर चौड़ा है। यह दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, अहमदाबाद, कोच्ची और कोलकाता में कंपनी के डीलरों के पास उपलब्ध है।

बाइक की स्पेसिफिकेशन जानने  नीचे पढ़े।




"डुकाती दियावेल डीजल" की कुछ खास बातें "

"some special sp[ecifications of "Ducati diavel diesel"

  • डुकाती दियावेल में 1198.4 सीसी का एल-ट्विन लिक्विड कूल्ड इंजन लगा हुआ है, जो 6-स्पीड ट्रांसमिशन से जुड़ा हुआ है।
  • डुकाती दियावेल का एग्जॉस्ट भी देखने में काफी शानदार लगता है। इसमें एल्युमिनियम टिप्स के साथ स्टेनलेस स्टील का मफलर लगाया गया है।
  • बाइक में न्यूट्रल, टर्न सिग्नल्स, हाई-बीम, डीटीसी इंटरवेंशन, एबीएस स्टेटस, ऑइल प्रेशर आदि के लिए वॉर्निंग लाइट्स भी लगी हैं।
  • बाइक में ट्यूब्युलर स्टील ट्रेलिस फ्रेम है जो काफी मजबूत है। इसके अलावा इस मोटरसाइकल के सस्पेंशन्स भी कमाल के हैं। इसका रियर सस्पेंशन फुली अजस्टेबल है।
  • बाइक के हैंडलबार में एलसीडी डिस्प्ले लगा है जिसके जरिए आप स्पीड, आरपीएम, टाइम, कूलैंट टेंपरेचर आदि पर नजर रख सकते हैं।
  • डुकाती दियावेल का कुल वजन लगगभ 240 किग्रा के आसपास है। इस बाइक की हैंडलिंग भी शानदार है।
  • डुकाती दियावेल के फ्रंट और रियर वील्स लाइटवेट अलॉय के बने हैं और 14-स्पोक के साथ आते हैं।
  • बाइक की सीट जमीन से 30.3 इंच की ऊंचाई पर है। इसका वीलबेस लगभग 62 इंच है।
  • यह बाइक आपको शानदार राइडिंग एक्सपीरियंस देने में सक्षम है। दुकाती डायवल 24 महीने की वॉरंटी के साथ आती है।
  • डुकाती दियावेल की कीमत लगभग 38 लाख रुपये (दिल्ली, एक्स-शोरूम) है।
  


                           

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Tuesday, 10 October 2017

क्या हुआ जब 10 रूपये के सिक्के आये ट्रेन के नीचे !! देखें वीडियो


क्या हुआ जब "10 रूपये के सिक्के" आये ट्रेन के नीचे !! देखें वीडियो।

what happen when "10 ruppies coin" comes under the train see video.

इनाम जीतने के लिए पोस्ट को नीचे तक पढ़िये

 

हम सभी ट्रेन से सफर करते है। या फिर हम सबने ट्रेन को करीब से तो देखा ही होगा। कई बार ट्रैन को देख कर हम सबके दिल में कुछ ना कुछ अजीब ख्याल जरूर आते है। हम सब ने बचपन में ये जरूर सुना होगा के अगर हम ट्रैन की पटरी पर कोई लोहे की चीज रखते है और उसके ऊपर से ट्रैन गुजर जाये तो वो लोहे की चीज चुम्बक में बदल जाएगी। तो इसी तथय को जानने के लिए हमने 10 रूपये के कुछ सिक्को को आपस में चिपका के हमने ट्रैन की पटरी पर रख के देखा और उसके ऊपर से ट्रैन के गुजर के जाने का इंतज़ार किया। फिर जो परिणाम सामने आया उसको जानने के लिए वीडियो देखें।



  



     
                           

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Monday, 9 October 2017

सड़क किनारे लगे मील के पत्थरों के रंगों का मतलब क्या होता हैं? (What is the meaning of diffrent colour "MILES STONES"" )



सड़क किनारे लगे मील के पत्थरों के रंगों का मतलब क्या होता हैं



What is the meaning of diffrent colour "MILES STONES" along side roads"


हम सभी घर के बाहर डेस्टिनेशन या टूर पर निकलते है, तो हमे रास्ता दिखाने का काम कोई अगर करता है तो वो होते है सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड और मिले के पत्थर।ये मील के पत्थर हमे हमारी मंजिल के पते के साथ ही ये भी बताते है कि हमारी मंजिल कितनी दूर है। लेकिन आपको आपकी मंजिल पर ले जाने वाले पथरो पर शायद ही आपने कभी गौर किया होगा। कोई मील का पत्थर पीले रंग का होता है तो कोई हरा तो कोई काला तो कोई लाल लेकिन इन पथरो का रंग अलग अलग क्यों होता है?  दरअसल इन पथरो के रंग के पीछे सबकी अपनी एक पहचान होती है। अब अगर आप सफर पर निकलेंगे तो आप इन पत्थरो पर गौर करेंगे और आपको करना भी चाहिये क्योकि ये पत्थर सिर्फ आपको आपकी दुरी ही नहीं बताते बल्कि इनके रंग आपको सड़को की खास पहचान भी करवाते है ।



तो आइये जानते है

"मील के पत्थरों के रंगों का मतलब "


meaning of diffrent colour "MILES STONES"

नारंगी पत्थर :- अगर आप सफर कर रहे है और रास्ता भटक जाये जाना आपको शहर हो  लेकिन आप जान नहीं पा रहे हो कि आप किस तरफ जा रहे है तो आप सड़क के किनारे लगे इन पत्थरो पर नजर डालिये और आपको नारंगी रंग का पत्थर दिखाई दे तो आप समझिये के आप किसी गाँव की और बढ़ रहे है क्यों की  इस रंग के पत्थर सिर्फ ग्रामीण सड़क पर होते है और इसका मतलब ये है के आप प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बानी सड़क  कर रहे हो जो आपको गाँव तक ले जाएगी। 

  

हरा पत्थर :- अगर आपको हरे रंग का पत्थर दिखाई देता है तो आप जान सकते है के आप किसी स्टेट हाईवे से सफर कर रहे है। जो एक राज्य को दूसरे राज्य से जोड़ती है। इस सड़क का निर्माण राज्य सरकार  करती है। इस सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। 

  




पीला पत्थर :- अगर आपको पीले रंग का पत्थर दिखाई देता है तो आप जान सकते है के आप किसी राष्ट्रीय राज मार्ग से सफर कर रहे है। ये पत्थर केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई सड़को पर होते है। इस सड़क का निर्माण  केंद्र सरकार करती है। इस सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है। 

  

काले पत्थर :- काले रंग के पत्थर आपको बड़े शहरो में ही देखने को मिलते है। दिल्ली, मुंबई, गुड़गाव, फरीदाबाद, नॉएडा, आदि शहर इनमे शामिल है। इस रंग के पत्थर ये बताते है कि आप किसी बड़े शहर की ओर बड़ रहे है। इस रंग की सड़के शहर के प्रशासन के अंदर आती है। नगर निगम या जिला प्रशासन इन सड़को का निर्माण करता है। कई जगह पर सफ़ेद रंग के पत्थर भी होते है इन सफ़ेद रंग के पत्थरो का मतलब भी यही होता है जो काले रंग के पत्थरो का मतलब होता है। अगर ये सड़के ख़राब होती है तो आप इसकी शिकायत नगर निगम में कर सकते है। 

  



  


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Sunday, 1 October 2017

पुरानी बाइक खरीदने से पहले 9 बातें जरूर जानने !! ("9 Things to know before buying a used BIKE") !!


"पुरानी बाइक खरीदने से पहले 9 बातें जरूर जानने" 



"9 Things to know before buying a used BIKE"

हर कोई नौकरी में एक नई मोटरसाइकिल खरीदने का जोखिम नहीं ले सकता है। वो बच्चे ,जो अभी अपने उच्च विद्यालय में परिष्कृत कॉलेज में प्रवेश कर चुकै है उन्हें नवसिखुआ के आधार पर लिया जाता है, वो भी हमेशा नई बाइक के इस्तेमाल के लिए बेहतर नहीं है । इसलिये लोग अपनी पहली बाइक पुरानी  खरीदना पसंद कते है। आज हम आपको पुरानी बाइक खरीदते समय कुछ ध्यान रखने वाली जरूरी बाते बता रहै है।

  

"9 बातें जरूर जानने"

"9 Things to know"

1.) वाहन के पेपर्स की जांच करें:- बाइक के पेपर्स की जाॅंच करनी चाहिये। जो बाइक को विशिष्ट बनाता है।इन   पेपर्स में एक पंजीकरण प्रमाण पत्र होता है और एक बीमा पत्र होता हैं और इस बीमा पत्र की वैधता की  समाप्ति नहीं होनी चाहिये , जो 1970 की धारा को बताता है, कि खरीदारों की जान जोखिम के साथ समझौता नहीं किया जा सकता है। सुनिश्चित करें कि पंजीकरण प्रमाण पत्र में सही इंजन और चेसिस नंबर शामिल है चूंकि यह सुनिश्चित करता है कि बाइक गैरकानूनी मुद्दों में शामिल नहीं है।

  

2.) बीमा एजेंसी को कॉल करें:- सुनिश्चित करें उस बाइक को छोटी शिकायतो की सहायता के लिये भी पंजीकृत किया गया है, जो आप के साथ तुरन्त मदद को तैयार हैं, और सुनिश्चित करें कि कोई बड़ा दावे / दुर्घटना मालिक के नाम पर या पंजीकरण संख्या में पंजीकृत ना हो। नहीं तो बाइक खरीदने के बाद उसकी जिम्मेदारी आपकी होगी।


3.) संशोधित/मोडिफाइड मोटरसाइकिल से बचें, जैसा कि भारत में संशोधन/ मोडिफाइड बाइक का उपयोग कानूनी रूप से साफ ​​नहीं है। इसके अलावा मोटरसाइकिल को संशोधित करना भी एक दुर्व्यवहार मोटरसाइकिल का एक संकेत हो सकता है जो उसके मूल राज्य से संशोधित किया गया था। जिसका कुछ दुरुपयोग करने के लिये किया गया हो सकता है। इसके अलावा संशोधित मोटरसाइकिल एक कॉप / आरटीओ प्राधिकरण की नजरो में भी रहते है।




4.) बाइक की जाचं:-  फ्रेम, कांटे, इंजन कैशिंग और ईंधन टैंक; इंजन के अलावा किसी भी मोटरसाइकिल में स्थित सबसे महंगे हिस्से होते हैं। उपरोक्त बातों का एक विस्तृत निरीक्षण आप रखरखाव के मामले में बहुत सारे पैसे को बचाएगा।सभी हिस्सो की अच्छी तरह जाॅंच कर ले सुनिश्चित करें कि कोई भी भाग खराब ना हो।


6.) टेस्ट ड्राइव:- अगर बाइक के संबंध में सबकुछ ठीक नही होता है, तो मालिक को कम करने के लिए अनुरोध करें और उसी का निरीक्षण करें। यदि ठीक है, तो मालिक से छोटे टेस्ट ड्राइव और पीएलएस के लिए पूछें। अगर उसे लगता है कि आप उससे पूरे अजनबी है तो उसे मनाने के लिए आपको विनम्र होना चाहिए।

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7.) मालिक से बात :- सवारी के परीक्षण के दौरान यदि कुछ गलत हो जाता है या यदि आपको लगता है कि   कुछ गलत है, तो कृपया इस बारे में मालिक से पूछने के लिए स्वतंत्र महसूस करें मालिक द्वारा दिए गए उत्तर के साथ, विक्रेता के इरादे का स्पष्ट रूप से न्याय किया जा सकता है या तो यह वैध बिक्री होनी चाहिए ।


8.) मोलभाव करे :- अंतिम चरण मे मोलभाव भी मालिक से बातचीत का ही भाग है, यह सुनिश्चित करें कि वाहन की जो कीमत मालिक ने बताइ है वो उस के काविल है भी या नहीं। मालिक से कीमत कम करने के लिये बोलिये।यह कीमत बाइक की स्थिती के आधार पर तय की  जा सकती है।


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9. मोलभाव के समय रखें ध्यान:-  सुनिश्चित करें कि आप अपने सौदे की पेशकश करने से पहले विनिर्माण के वर्ष के संबंध में स्थानीय बाजार मूल्य की जांच करें। ऑफ़र में बहुत ही विनम्र रहें और कृपया जितना संभव हो उतना  मालिकों की बातो मे ना आए । मालिक अपनी मशीनों को बेचना चाहते हैं क्योंकि पैसे को कमाना उनका मकसद होता  है। वे आपको वाहन अधिक कीमत पर बेच सकते हैं।




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