Friday, 8 December 2017

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

सर्दियों में रखे अपनी कार फिट, अपनाएं एक्सपर्ट के दिए गए ये टिप्स

"How to save your car from winter season"


ठंड के मौसम में गाड़ियों में तमाम तरह की दिक्कतें आने लगती हैं जो कि उसके परफार्मेंस पर असर डालती हैं। इन दिक्कतों में गाड़ियों का मुश्किल से स्टार्ट होना, स्टार्ट होने के बाद पिकअप में समय लेना, हॉर्न का न बजना और लाइट्स डिम हो जाना प्रमुख होता है। हालांकि आप कुछ सावधानियां और टिप्स को फॉलो कर इन समस्याओं से निजात पा सकते हैं। आज हम आपको इसी के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।



ऑटो एक्सपर्ट मानते हैं कि सर्दियों में कार की फुल सर्विस, बैटरी, लाइटिंग, इलेक्ट्रिकल सिस्टम, कूलेंट और टायर्स का विशेष ख्याल रखना चाहिए।ऑटो एक्सपर्ट ने कुछ टिप्स सुझाए हैं जिनकी मदद से आप भी सर्दियों में अपनी कार को बिलकुल फिट रख सकते हैं। हम इन्हीं टिप्स को आपको बताने जा रहे हैं। 


1. बैटरी का रखें विशेष ख्याल:-
बैटरी को कार का अहम हिस्सा माना जाता है क्योंकि कार की बैटरी ही गाड़ी को स्टार्ट करती है, अगर बैटरी 3 साल से ज्यादा पुरानी हो गई हो, तो उसे बदल लें या फिर मैकेनिक से चेक करवा लें। इसके अलावा अगर कार की लाइट्स डिम हो गईं हो या फिर हॉर्न बजाते समय आवाज ठीक तरह से नहीं आ रही है तो इसका मतलब है कि बैटरी खराब होना शुरू हो गई है। ऐसे में आप खुद भी बैटरी चेक कर सकते हैं और अगर बैटरी के टर्मिनल पर सफेद-पीला पाउडर जमा हो रहा है तो उसे गर्म पानी के साथ हार्ड ब्रश से साफ कर लें।



2. कार की सर्विस कराना है सबसे जरूरी:- सर्दियों में लोग सुबह-सुबह गाड़ी स्टार्ट न होने की वजह से परेशान हो जाते हैं। इस मौसम में सबसे ज्यादा उन गाड़ियों को दिक्कतें आती हैं जिनकी सर्विस ठीक से या फिर समय पर नहीं करवाई जाती है। इसलिए अगर सर्दियों में कहीं लंबी दूरी की यात्रा करने जा रहे हैं तो कार की सर्विस जरूर करवाएं। कार की सर्विस इसलिए जरूरी है कि इंजन में डलने वाले इंजन ऑयल की क्वालिटी बिलकुल ठीक होनी चाहिए क्योंकि अगर ऑयल ल्युब्रीकेशन नहीं देगा तो इसमें इंजन के खराब होने के मौके ज्यादा होते हैं। इस मौसम में कार और बाइक दोनों के लिए इनकी सर्विस होना बेहतर जरूरी है।



3. कूलेंट को समय-समय पर चेक करते रहें:- गर्मियों के अलावा सर्दियों के समय में भी कार में कूलेंट का होना बेहद जरूरी है। कूलेंट को एंटीफ्रिज के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि ठंडे तापमान में यह आपके इंजन को फ्रीज होने से बचाता है। कूलेंट का काम सिर्फ यह नहीं होता कि वह गर्म इंजन को ठंडा करता है बल्कि यह इंजन को नॉर्मल तापमान में रखता है। इसलिए मौसम चाहे कोई भी हो कार में कूलेंट हमेशा टॉप-अप रहना चाहिए।



4. इलेक्ट्रिकल सिस्टम भी करते रहें चेक:- सर्दियों के मौसम में कार का इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे स्पार्क प्लग, लाइटिंग और वायरिंग की ठीक से जांच करवा लेनी चाहिए क्योंकि कार स्टार्ट ना होने का एक कारण स्पार्क प्लग भी होता है। स्पार्क प्लग टर्मिनल, इंसुलेटर, रिब्स, सील्स और सेंट्रल इलेक्ट्रॉट से बना होता है जिसकी मदद से यह लंबे समय तक इंजन को चालू रखने में मदद करता है। वहीं, सर्दियों में ड्राइविंग के दौरान लाइटिंग भी बेहद जरूरी होती है क्योंकि सूरज दिन के समय जल्दी ढल जाता है और कार की हेडलाइट्स और फॉग लाइट्स दोनों की लगातार लंबे समय तक इस्तेमाल की जाती हैं। इसलिए लाइट्स का भी बेहद ख्याल रखें और खराब होने पर इनकी वायरिंग की जांच करवाएं या फिर इन्हें तुरंत बदलवा लें।



5. टायर्स की देखभाल भी जरूरी:-
सर्दियां हो या गर्मियां, टायर्स का हमें हमेशा ध्यान रखना चाहिए। सर्दियों के समय में टायरों में हवा का प्रेशर ठीक होना चाहिए क्योंकि ठंडे मौसम में नमी की वजह से सड़कें गीली रहती हैं गीली सड़कों पर गाड़ी के फिसलने का डर ज्यादा रहता है। इसलिए सर्दियों में लंबी दूरी की यात्रा करते समय टायर्स की जांच करवा लेनी चाहिए, उनके अंदर के ट्रेक को चेक करवा लेना चाहिए। अगर टायर घिस गए हों तो उन्हें बदलवा लेना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर में तो मैकेनिक आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन लंबी दूरी की यात्रा के दौरान अगर आप किसी ऐसी जगह फंस जाएं जो एक ग्रामीण इलाका हो तो वहां आपको मदद मिलना थोड़ा मुश्किल होता है।




Sunday, 26 November 2017

कार खरीदनें से पहले जरूर चेक करें ये 5 फीचर्स ।।

"कार खरीदनें से पहले जरूर चेक करें ये  5 फीचर्स "

"Check these 5  features before buy a Car"

दोस्तों अगर आप कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यहां हम आपके लिए कुछ ऐसे फीचर्स के बारे में बता रहे हैं जो आपको कार खरीदने से पहले जरूर जान लेनी चाहिए  जो आपकी कार में अगर होंगे तो आपकी कार न केवल स्मार्ट होगी बल्कि आपको ड्राइव करते समय कोई असुविधा भी नहीं होने देगी। आइये जानते हैं इन फीचर्स के बारे में।


1.एयरबैग:- हर कार में सुरक्षा बहुत जरूरी होती है, और अगले साल अप्रैल से सरकार नई कारों के लिए नए सुरक्षा नॉर्म्स लागू करने जा रही है जिसमें कारों में सुरक्षा के फीचर्स जरूरी होंगे। लेकिन अगर आप अभी कोई कार खरीदने जा रहे हैं तो एयरबैग और एयरबैग जैसे सेफ्टी फीचर को जरूर चेक कर लें। ए वी एस भी इन्हीं फीचर्स में से एक है  ए वी एस तेज़ रफ्तार में इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान कार को आपके कंट्रोल में रखता है और उसे फिसलने नहीं देता है।इससे हादसा होने की संभावना कम हो जाती हैं। वहीं पर एयरबैग गंभीर हादसों की स्थिति में ड्राइवर और पैसेंजर को जानलेवा चोट से बचाता है।





2.सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम:- सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम भी एक तरह का सेफ्टी फीचर है, जो आपकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई कार को चोरी या छेड़छाड़ की आशंकाओं से बचाता है। सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम कार चोरी होने की संभावना को काफी कम कर देता है। यह ड्राइविंग के दौरान यह सिस्टम चारों दरवाजों को लॉक भी कर देता है। जिससे ड्राइविंग के दौरान आपकी सुरक्षा कायम रहती है। तो आगे जब भी कार खरीदें तो ये फीचर जरूर चेक क्र लें। 



3.रियर पार्किंग सेंसर कैमरे के साथ :- भीड़भाड़ या छोटी जगहों पर कार पार्किंग एक बड़ी समस्या है। ऐसे में रियर पार्किंग सेंसर या फिर कैमरा आपके लिए पार्किंग में मदद कर सकता है। यह फीचर आपको कार पार्क करते समय कार के पीछे की स्थिति के बारे में बताता रहता है।जब कोई चीज या कोई जीवित प्राणी  कार के नजदीक आ जाता है तो यह वार्निंग देकर आपको सतर्क कर देता है। इस प्रकार रियर पार्किंग सेंसर/कैमरा की मदद से आप कार को बिना किसी तनाव के आसानी से पार्किंग में लगा सकते हैं।





4. पावर विंडो  &पावर स्टीयरिंग :- आज के दौरा में पावर विंडो कॉमन फीचर हो गया है। ज्यादातर कारों में आगे की विंडो के लिए यह फीचर स्टैंडर्ड तौर पर मिलने लगा है। सिर्फ आराम ही नहीं बल्कि कार और पैसेंजर की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अहम फीचर है। कोशिश करें कि आपकी कार में आगे और पीछे दोनों तरफ पावर विंडो की सुविधा आपको मिल जाए। वैसे बाहर से भी आप पावर विंडो सिस्टम लगवा सकते हैं। और उसी तरह पावर स्टीयरिंग भी आपको गाड़ी को आसानी से मोड़ने में मदद करता है। तो आप पावर स्टेयरिंग को भी लगवा सकते है। 


5.ब्लूटूथ वाला इंफोटेंमेंट सिस्टम :- एक कार म्यूजिक सिस्टम बेहद जरूरी होता है, आज कल तो लगभग हर कार के साथ स्टीरियो सिस्टम के साथ ब्लूटूथ, ऑक्स और यूएसबी कनेक्टिविटी फंक्शन जैसे फीचर्स आने लगे हैं। म्यूजिक सिस्टम सिर्फ गानें सुनने तक ही सिमित नहीं रह गया है बल्कि यह अब इंफोटेंमेंट सिस्टम में बदल चुका है क्योकिं इसमें कार के दूसरे फंक्शनों की जानकारी के अलावा फोन को कनेक्ट करने की सुविधा भी मिलती है साथ ही । तो इसलिए आप कोशिश करे जब भी इंफोटेनमेंट सिस्टम चुनें तो स्मार्ट इंफोटेनमेंट सिस्टम ही चुनें। 




Saturday, 28 October 2017

व्हाट्सएप्प लाया नया फीचर गलती से सेंड हुए मैसेज, फोटो, वीडियो डीलिट करने की सुविधा

वाट्स एप यूं तो सिंपल मैसेज सर्विस के विकल्प के रूप में शुरू हुआ था और इसने मोबाइल सर्विस प्रदाता कंपनियों की मैसेज सेवा को लगभग खत्म भी कर दिया लेकिन कुछ नए फीचर्स आ जाने के बाद अब वाट्स एप मैसेज सेवा से कुछ ज्यादा हो गया है। लगभग हर यूजर को यह जरूरत महसूस हो रही थी कि वो गलती से सेंड हो गए फोटो, वीडियो या मैसेज को डीलिट कर सके। कई वाट्स एप ग्रुपों में इस तरह की घटनाएं पुलिस तक पहुंच जातीं है। बड़े विवाद शुरू हो जाते है। अत: इसी समस्या का समधान खोज लिया है।



इसे ‘डीलिट फॉर एवरीवन’ नाम से जाता है। वाबीटाइन्फो नाम की एक वेबसाइट के अनुसार वाट्स एप ने आईओएस, एन्ड्रायड और विन्डो फोन में इस फीचर से जुड़ा अपडेट मिलना शुरू हो गया है। इस सुविधा के पूरी तरह से आने में थोड़ा समय लग सकता है। इसके लिए संदेश भेजने और प्राप्त करने वाले दोनों के पास इस फीचर अपडेट वाला वट्स एप होना चाहिए। 


इसमें केवल संदेश ही नहीं जिफ, इमेज, वॉयस मैसेज, लोकेशन, स्टीकर्स और कॉन्टैक्ट मैसेज को भी वापिस लिया जा सकता है। ब्रॉडकॉस्ट लिस्ट को भेजे गए संदेश और जिन संदेशों को भेजे 7 मिनट से ज्यादा हो गया है, उन्हें वापस नहीं लिया जा सकता।

ऐसे करें व्हाट्सऐप का रीकॉल फीचर इस्तेमाल

सबसे पहले अपने व्हाट्सऐप ऐप को अपडेट करें। इसके बाद टेस्टिंग के लिए अपने किसी फ्रेंड को एक मैसेज भेजें और फिर उसे डिलीट कर दें। हालांकि मैसेज डिलीट करते समय आपको 3 ऑप्श मिलेंगे।

1. DELETE FOR ME. 
2. CANCEL. 
3. DELETE FOR EVERYONE ।

डिलीट फॉर मी पर क्लिक करने पर आपके ऐप से मैसेज डिलीट होगा लेकिन आपके दोस्त के ऐप से नहीं, ‘Delete for Everyone’ पर क्लिक करने पर आपके और दोस्त के दोनों ऐप से मैसेज डिलीट हो जाएगा। मैसेज डिलीट होने के बाद This message was deleted for everyone दिखेगा।


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Tuesday, 10 October 2017

क्या हुआ जब 10 रूपये के सिक्के आये ट्रेन के नीचे !! देखें वीडियो


क्या हुआ जब "10 रूपये के सिक्के" आये ट्रेन के नीचे !! देखें वीडियो।

what happen when "10 ruppies coin" comes under the train see video.

इनाम जीतने के लिए पोस्ट को नीचे तक पढ़िये

 

हम सभी ट्रेन से सफर करते है। या फिर हम सबने ट्रेन को करीब से तो देखा ही होगा। कई बार ट्रैन को देख कर हम सबके दिल में कुछ ना कुछ अजीब ख्याल जरूर आते है। हम सब ने बचपन में ये जरूर सुना होगा के अगर हम ट्रैन की पटरी पर कोई लोहे की चीज रखते है और उसके ऊपर से ट्रैन गुजर जाये तो वो लोहे की चीज चुम्बक में बदल जाएगी। तो इसी तथय को जानने के लिए हमने 10 रूपये के कुछ सिक्को को आपस में चिपका के हमने ट्रैन की पटरी पर रख के देखा और उसके ऊपर से ट्रैन के गुजर के जाने का इंतज़ार किया। फिर जो परिणाम सामने आया उसको जानने के लिए वीडियो देखें।



  



     
                           

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Monday, 9 October 2017

सड़क किनारे लगे मील के पत्थरों के रंगों का मतलब क्या होता हैं? (What is the meaning of diffrent colour "MILES STONES"" )



सड़क किनारे लगे मील के पत्थरों के रंगों का मतलब क्या होता हैं



What is the meaning of diffrent colour "MILES STONES" along side roads"


हम सभी घर के बाहर डेस्टिनेशन या टूर पर निकलते है, तो हमे रास्ता दिखाने का काम कोई अगर करता है तो वो होते है सड़क के किनारे लगे साइन बोर्ड और मिले के पत्थर।ये मील के पत्थर हमे हमारी मंजिल के पते के साथ ही ये भी बताते है कि हमारी मंजिल कितनी दूर है। लेकिन आपको आपकी मंजिल पर ले जाने वाले पथरो पर शायद ही आपने कभी गौर किया होगा। कोई मील का पत्थर पीले रंग का होता है तो कोई हरा तो कोई काला तो कोई लाल लेकिन इन पथरो का रंग अलग अलग क्यों होता है?  दरअसल इन पथरो के रंग के पीछे सबकी अपनी एक पहचान होती है। अब अगर आप सफर पर निकलेंगे तो आप इन पत्थरो पर गौर करेंगे और आपको करना भी चाहिये क्योकि ये पत्थर सिर्फ आपको आपकी दुरी ही नहीं बताते बल्कि इनके रंग आपको सड़को की खास पहचान भी करवाते है ।



तो आइये जानते है

"मील के पत्थरों के रंगों का मतलब "


meaning of diffrent colour "MILES STONES"

नारंगी पत्थर :- अगर आप सफर कर रहे है और रास्ता भटक जाये जाना आपको शहर हो  लेकिन आप जान नहीं पा रहे हो कि आप किस तरफ जा रहे है तो आप सड़क के किनारे लगे इन पत्थरो पर नजर डालिये और आपको नारंगी रंग का पत्थर दिखाई दे तो आप समझिये के आप किसी गाँव की और बढ़ रहे है क्यों की  इस रंग के पत्थर सिर्फ ग्रामीण सड़क पर होते है और इसका मतलब ये है के आप प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से बानी सड़क  कर रहे हो जो आपको गाँव तक ले जाएगी। 

  

हरा पत्थर :- अगर आपको हरे रंग का पत्थर दिखाई देता है तो आप जान सकते है के आप किसी स्टेट हाईवे से सफर कर रहे है। जो एक राज्य को दूसरे राज्य से जोड़ती है। इस सड़क का निर्माण राज्य सरकार  करती है। इस सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होती है। 

  




पीला पत्थर :- अगर आपको पीले रंग का पत्थर दिखाई देता है तो आप जान सकते है के आप किसी राष्ट्रीय राज मार्ग से सफर कर रहे है। ये पत्थर केंद्र सरकार के द्वारा बनाई गई सड़को पर होते है। इस सड़क का निर्माण  केंद्र सरकार करती है। इस सड़क के रख रखाव की जिम्मेदारी केंद्र सरकार की होती है। 

  

काले पत्थर :- काले रंग के पत्थर आपको बड़े शहरो में ही देखने को मिलते है। दिल्ली, मुंबई, गुड़गाव, फरीदाबाद, नॉएडा, आदि शहर इनमे शामिल है। इस रंग के पत्थर ये बताते है कि आप किसी बड़े शहर की ओर बड़ रहे है। इस रंग की सड़के शहर के प्रशासन के अंदर आती है। नगर निगम या जिला प्रशासन इन सड़को का निर्माण करता है। कई जगह पर सफ़ेद रंग के पत्थर भी होते है इन सफ़ेद रंग के पत्थरो का मतलब भी यही होता है जो काले रंग के पत्थरो का मतलब होता है। अगर ये सड़के ख़राब होती है तो आप इसकी शिकायत नगर निगम में कर सकते है। 

  



  


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Saturday, 7 October 2017

भारत में मोबाइल नंबर 10 डिजिट्स के क्यों होते है? 8 या 9 क्यों नहीं !! ("Check out why mobile numbers in INDIA have 10 DIGITS !! WHY NOT 8 OR 9") !!

हमारे पास 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर क्यों हैं? शायद यह हम में से सबसे ज्यादातर लोग वास्तव में इसके बारे में सोचते होंगे। लेकिन इसके पीछे इसका बहुत ही अच्छा तर्क है।




तर्क: मोबाइल फोन नंबर में अंकों की संख्या, देश कोड को डायल किए बिना अधिकतम मोबाइल फोन तय कर सकती है। 91 (भारत के लिए) इसे समझने के लिए हमें स्कूल में वापस जाना होगा। क्रमपरिवर्तन और संयोजन याद रखें मान लीजिए मेरे पास जींस (जे 1-2) और चार टी-शर्ट (टी 1-4) । संभव संयोजन हैं: जे 1 टी 1, जे 1 टी 2, जे 1 टी 3, जे 1 टी 4, जे 2 टी 1, जे 2 टी 2, जे 2 टी 3, और जे 2 टी 4, अर्थात् 8 संयोजन (2 जीन्स की संख्या) x (4 टी-शर्ट की संख्या)}।

एक मोबाइल फोन नंबर में या किसी भी संख्या वाली चीज जैसे कि वाहन, भूमि-रेखा टेलीफोन नंबर आदि के लिए अंकों की गणना करते समय एक ही तर्क का उपयोग किया जाता है। अब मानिए कि अगर हमारे पास 6 अंक का फोन नंबर होता , तो अधिकतम संख्या संभवतः फ़ोन संख्या (10 x 10 x 10 x 10 x 10 x 10) होनी चाहिए, यानी अधिकतम 1,000,000 सदस्य लेकिन हमने पहले ही भारत में 100 मिलियन अंक पार कर लिए हैं। इसलिए जाहिर है कि हमारे पास 6 अंकों के सेल फोन नंबर नहीं हो सकते । यहां तक ​​कि 7 अंकों का भी नहीं, क्योंकि इसकी वजह से 10 मिलियन की क्षमता होती है, 8 अंकों से 100 मिलियन उपभोक्ताओं की , 9 अंकों से 1000 मिलियन यानी  100 करोड़, लेकिन हमारी आबादी करीब 125 करोड़ है और इसके बाद भी हमारी आबादी दिन प्रतिदिन बढ़ रही  है।


एक 10 अंकों का सेल फ़ोन नंबर हमें 10 अरब (1000 करोड़) के ग्राहकों की क्षमता प्रदान करता है, जो कि हमारे देश के लिए काफी रह सकता है। हम जनसंख्या में 1000 करोड़ ग्राहक तक पहुंचेंगे ये संभावना नहीं हैं लेकिन हमारे पास 100 करोड़ ग्राहकों से अधिक होंगे  इसकी एक रिमोट संभावना है। इसलिए, एक 10 अंकों वाला मोबाइल फोन नंबर भारत में इस्तेमाल किया जाता है।

  
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